दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा की 70 सीटों के लिए मतदान किया गया था। दिल्ली विधानसभा के चुनावों का परिणाम 11 फरवरी को सामने आया। समाचार लिखे जाने तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं थी किंतु शाम तक आम आमदी पार्टी "आप" 62 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। इस प्रकार दिल्ली के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। जो भी पार्टी 35 से अधिक सीटें जीतती है वह सरकार बना सकती है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल बहुमत से चुनाव जीते हैं। आम आदमी पार्टी की जीत को भारत की जीत बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक नई तरह की राजनीति का उभार हुआ है। उन्होंने कहा है कि यह जीत दिल्ली के लोगों की जीत है।
ज्ञात रहे कि भारतीय जनता पार्टी पिछले 22 वर्षों से दिल्ली में सरकार नहीं बना पाई है और आप की इस विजय के कारण अब उसे 4 वर्ष फिर इसकी प्रतीक्षा करनी होगी। 2015 में आम आदमल पार्टी "आप" ने 54.3 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 67 सीटों पर कब्जा किया था। इसके साथ ही आप, दिल्ली विधानसभा के इतिहास में 67 सीटें जीतने वाली पहली पार्टी बन गई थी। 2015 के दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भाजपा 32.3 प्रतिशत के साथ तीन सीटें जीतने में कामयाब हुई थी।